वैदिक ज्योतिष के अनुसार, किसी व्यक्ति के जन्म के सटीक समय और स्थान पर आकाश मंडल में ग्रहों और नक्षत्रों की जो स्थिति होती है, उसका एक चित्रणात्मक नक्शा ही 'जन्म कुंडली' या 'जन्मांग चक्र' कहलाता है। इसमें 12 भाव (Houses) होते हैं, जिनमें 9 मुख्य ग्रहों (सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु) को उनकी राशि के अनुसार स्थापित किया जाता है।
आर्यन ने सोचा कि इसमें कोई बुराई नहीं है। उसने उपाय शुरू किए। धीरे-धीरे, उसके मन की अशांति कम होने लगी। महीने भर के भीतर, उसे ऑफिस में एक बड़ा प्रोजेक्ट मिला जिसे वह महीनों से खो चुका था। सीख: आर्यन को समझ आया कि जन्म कुंडली
माता, सुख, वाहन, मकान। janam kundali by date of birth and time in hindi
एक पूर्ण जन्म कुंडली में कई प्रकार के चक्र और गणनाएं होती हैं, जिनमें मुख्य निम्नलिखित हैं:
कुंडली का छठा और आठवां भाव आपकी सेहत और बीमारियों की ओर इशारा करता है। ग्रहों की दशा देखकर यह जाना जा सकता है कि आपको किस उम्र में शारीरिक कष्ट हो सकता है, जिससे आप पहले से ही सतर्क रह सकते हैं। निष्कर्ष janam kundali by date of birth and time in hindi
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जिस क्षण कोई शिशु इस पृथ्वी पर जन्म लेता है, उस विशेष समय पर आकाश मंडल में नौ ग्रह (सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु) और 27 नक्षत्र किसी न किसी राशि में स्थित होते हैं। उस समय के आकाशीय नक्शे को एक कागज़ या डिजिटल प्रारूप पर उतारना ही कहलाता है।
जन्म तिथि और जन्म समय (Date of Birth and Time) janam kundali by date of birth and time in hindi
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